उपलब्धियां

  • विभाग के माध्यम से कुल 356 आश्रम छात्रावासों का संचालन किया जा कर 22918 छात्र/छात्राओं को लाभान्वित किया जा रहा है। (वर्तमान सरकार में 77 नवीन आश्रम छात्रावासों का संचालन प्रारम्भ किया गया)
  • कुल 30 आवासीय विद्यालयों का विभाग द्वारा संचालन किया जा कर 7674 छात्र/छात्राओं को लाभान्वित किया जा रहा है। (वर्तमान सरकार में 11 नवीन आवासीय विद्यालयों का संचालन प्रारम्भ किया गया)
  • वर्तमान सरकार में प्रतिवर्ष जनजाति के प्रतिभावान बालक/बालिकाओं को सम्मानित किया जा रहा है। गत तीन वर्ष 2014-15, 2015-16 एवं 2016-17 में 446 प्रतिभावान बालक/बालिकाओं को सम्मानित किया गया, तथा वर्ष 2017-18 में 244 बालक/बालिकाओं को सम्मानित किया गया।  
  • वर्तमान में 13 खेल छात्रावासों का संचालन कर 875 विद्यार्थियों को लाभान्वित किया जा रहा है। (10 नवीन खेल छात्रावास जिसमें 5 बालिका खेल छात्रावास का संचालन प्रारम्भ किया गया)
  • अनुसूचित क्षेत्र, माडा क्षेत्र तथा सहरिया एवं कथौडी परिवार के 48270 बालक/बालिकाओं को 1609 माॅ-बाडी केन्द्रो में अनौपचारिक शिक्षा प्रदान की जा रही है। (वर्तमान सरकार में कुल 520 नवीन माॅ-बाडी केन्द्र खोले गये है)
  • जनजाति उपयोजना क्षेत्र, माडा क्षेत्र एवं सहरिया क्षेत्र के 1339 माॅ-बाडी/डे-केयर केन्द्रो पर गैस कनेक्शन उपलब्ध कराया गया। 
  • सहरिया क्षेत्र के प्राथमिक एवं माध्यमिक विद्यालयों में 77240 अध्ययनरत बालकों को पोशाकें, पुस्तकें व स्टेशनरी प्रदत्त कर लाभान्वित किया गया।
  • मुख्यमंत्री बजट घोषणा वर्ष 2014-15 अन्तर्गत 20 नवीन बालिका आश्रम छात्रावासों का निर्माण कार्य पूर्ण कर संचालन प्रारम्भ कर दिया गया। 
  • अनुसूचित क्षेत्र में संचालित 211 आश्रम छात्रावासों एवं 12 आवासीय विद्यालयों में विद्युत आपूर्ति हेतु कुल 10925 सोलर लाईट एवं 878 सोलर स्ट्रीट लाईट स्थापित की गई।
  • अनुसूचित क्षेत्र के 156 छात्रावासों में सोलर वाटर हीटर स्थापित किये गये। 
  • बहुउद्देशीय  छात्रावास, उदयपुर, कोटा एवं बारां निर्माण पूर्ण कर संचालन प्रारम्भ कर दिया गया है।
  • 10 आवासीय विद्यालयों में विज्ञान संकाय प्रारम्भ किया गया। 
  • 7 काॅलेज छात्रावासों में 350 विद्यार्थियों को प्रवेश कर संचालन प्रारम्भ किया गया। 
  • 60 आश्रम छात्रावासों में क्षमता वृद्वि कर 1500 अतिरिक्त छात्रों को प्रवेश दिया गया। 
  • 102844 जनजाति छात्राओं (महाविद्यालय) को उच्च शिक्षा प्रोत्साहन सहायता प्रदान की गई। 
  • 99581 जनजाति छात्राओं (कक्षा 11 व 12) को उच्च शिक्षा प्रोत्साहन सहायता प्रदान की गई। 
  • 9658 विद्यार्थियों को प्रतिभावान छात्रवृति दी गई। 
  • महाविद्यालय में अध्ययनरत 78634 जनजाति विद्यार्थियों को छात्रगृह किराया अन्तर्गत राशि पुनर्भरण की गई। 
  • 6404 छात्राओं को निःशुल्क स्कुटी वितरण किया गया। 
  • 1199 जनजाति विद्यार्थियों को पी.एम.टी., पी.ई.टी, एवं आई.आई.टी. परीक्षा हेतु कोचिंग दिलाई गई।
  • वर्तमान सरकार के प्रारम्भ के तीन वर्षो में 22273 सहरिया परिवारों एवं 1106 कथौडी परिवारों को प्रतिमाह 2 किलो दाल, 2 लीटर तेल व 1 लीटर देशी घी निःशुल्क उपलब्ध कराया गया। 
  • वर्ष 2017-18 में बारां जिले में निवासरत 30800 सहरिया परिवारों को प्रतिमाह प्रति यूनिट की दर से 500 ग्राम दाल, 500 मि.ली. तेल एवं 250 मि.ली. देशी घी उपलब्ध कराया जा रहा है। इसी प्रकार उदयपुर जिले में निवासरत 1106 कथौडी परिवारो को भी प्रति यूनिट की दर से पौष्टिक आहार उपलब्ध कराया जा रहा है।  
  • अनुसूचित जनजाति व सहरिया क्षेत्र में अनुसूचित जनजाति एवं सहरिया वर्ग के 26097 परिवारों को निःशुल्क विद्युत कनेक्शन दिये गये जिसमेें जिला बांसवाडा 7312, डूॅगरपुर 9166, उदयपुर 6886, प्रतापगढ 2243, आबूरोड 125 एवं बारां जिले मेें 365 निःशुल्क विद्युत कनेक्शन दिये गये। 
  • अनुसूचित क्षेत्र की 37 मत्स्य उत्पादक समितियों के 3554 सदस्यों को रूपये 109.13 लाख के ऋण मुक्ति प्रमाण-पत्र जारी किये गये। 
  • मछुआरों की मत्स्य सहकारी समितियों के सदस्यों को 53680 किलो नेट, 2645 नावें एवं 762 साईकिले निःशुल्क उपलब्ध कराई गई। 
  • समस्त छात्रावासों में लगभग 2.50 करोड की खेल सामग्री उपलब्ध कराई गई। वर्तमान सरकार में राज्य स्तरीय जनजाति खेल छात्रावासो की खेलकूद प्रतियोगिता का प्रतिवर्ष आयोजन किया जा रहा है। 
  • जनजाति क्षेत्रीय विकास विभाग द्वारा निर्मित एवं कालान्तर में बंद हो चुकी 33 सामुदायिक जलोत्थान (विद्युत आधारित) एवं 1 जलोत्थान सिंचाई योजनाऐं सोलर आधारित प्रारम्भ की गई।
  • 932699 जनजाति कृषक को कृषि विकास योजनाओं से लाभान्वित किया गया। 
  • दुग्ध उत्पादन सहकारी समितियों के यहाॅ 114 बल्क मिल्क कूलर तथा 269 ओटोमेटिक मिल्क कलेक्शन यूनिट स्थापित किये गये। 
  • 50063 जनजाति परिवारों को उद्यानिकी विकास कार्यक्रमों में एवं 49121 जनजाति परिवारों को पशुपालन विकास कार्यक्रम में लाभान्वित किया गया। 
  • 5215 जनजाति परिवारों को इलेक्ट्रीक पंप सेट/डिजल पंप सेट एवं पाईप लाईन योजनान्तर्गत लाभन्वित किया गया। 
  • 728 हेण्डपम्प लगाये गये एवं 32 पम्प टेंक का निर्माण किया गया। 
  • 173 सामुदायिक भवन का निर्माण एवं 54 जनजाति बस्तियों को विधुतीकृत किया गया। 
  • 335 जनजाति बस्तियों को सेवा केन्द्रो से जोडा गया। 
  • राजस्थान सरकार द्वारा आर.एस.एल.डी.सी. से पी.एम.यू. किया गया, जिसके तहत 67 ट्रेड में 8688 जनजाति युवाओं को कौशल विकास प्रशिक्षण दिया जाकर लाभान्वित किया गया। 
  • 9313 जनजाति युवाओं को स्वरोजगार योजनान्तर्गत लाभान्वित किया गया। 
  • 2184.17 करोड का प्रावधान किया गया। 
  • अनुसूचित क्षेत्र में पंचायत सशक्तिकरण अभियान में कार्य करने के लिये सेवाप्रदाता एजेन्सी के माध्यम से 5 जिला समन्वयक, 40 ब्लाॅक समन्वयक एवं 1238 ग्राम सभा पेसा प्रेरक लगाये गये है, जो पेसा कानून एवं नियम पर जनजागरूकता सम्बंधी कार्य कर रहे है। 
  • विभागीय छात्रावासों के कक्षा 10 व 12 में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं के लिए केरियर काउन्सलिंग प्रारम्भ की गयी । 

अंतिम अपडेट तिथि

13-06-2018

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1, सहेली मार्ग, चेतक सर्कल, उदयपुर (राज.)

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नोडल अधिकारी

श्री गिरिराज कतीरिया, एसीपी (उपनिदेशक) 

फोन नं.: 0294 2428722

ईमेल: ddit.tad@rajasthan.gov.in

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